किसी स्टॉक में लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट के लिए हमें कंपनी के FUNDAMENTAL ANALYSIS पर ज्यादा ध्यान देना होता है, ताकि कंपनी मार्केट में शोर्ट टर्म उतार चढाव से आगे निकलकर हमें लॉन्ग टर्म में अच्छा लाभ दे,

आधारभूत विश्लेषण क्या है

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Types of Sentences in Hindi (वाक्य-विश्लेषण), Format, Examples

Types of आधारभूत विश्लेषण क्या है Hindi Sentences | Format, Definition, Example of Hindi Sentences

Types of sentences in Hindi – Vakya Vishleshan (वाक्य-विश्लेषण): इस लेख में हम वाक्य-विश्लेषण की सम्पूर्ण जानकारी हासिल करेंगे। वाक्य-विश्लेषण की परिभाषा, वाक्य के दो प्रमुख खण्ड, सरल/साधारण वाक्य का विश्लेषण, मिश्र या मिश्रित वाक्य का विश्लेषण, संयुक्त वाक्य का वाक्य विश्लेषण इन सभी के बारे में विस्तार पूर्वक जानेंगे –

वाक्य-विश्लेषण की परिभाषा – Defintion of Sentences in Hindi

  1. सबसे पहले यह जानना जरूरी है कि वाक्य क्या है।
  2. एक विचार को पूर्ण रूप से प्रकट करने वाला शब्द-समूह वाक्य कहलाता है।

जैसे-
मैं दो दिन से बीमार हूँ।
इसी तरह, किसी वाक्य के विभिन्न घटकों (पदों या पदबंधों) को अलग-अलग करके उनके परस्पर संबंध को बताना वाक्य विश्लेषण कहा जाता है। इस प्रक्रिया को वाक्य विग्रह भी कहते हैं।
दूसरे शब्दों में – रचना के आधार पर बने वाक्यों को उनके अंगों सहित अलग कर उनका परस्पर सम्बन्ध बताना वाक्य विश्लेषण कहलाता है।

रचना के अनुसार वाक्य के निम्नलिखित भेद हैं –
1. साधारण वाक्य।
2. संयुक्त वाक्य।
3. मिश्रित वाक्य।
तीनों वाक्यों का वाक्य-विश्लेषण के अलग-अलग नियम होते हैं। इन नियमों को जानने से पहले वाक्य के दो प्रमुख खण्डों को जान लेना भी अति आवश्यक है-
1. उद्देश्य – जिनके विषय में कुछ कहा जाए।
2. विधेय – उद्देश्य (कर्ता) जो कुछ करता है वह विधेय है।

जैसे-

वाक्य

उद्देश्य (कर्ता)

विधेय

कबूतर डाल पर बैठा है।

कबूतर

डाल पर बैठा है।

मैं दो दिन से बीमार हूँ।

मैं

दो दिन से बीमार हूँ।

उद्देश्य का विस्तार – कई बार वाक्य में उसका परिचय देने वाले अन्य शब्द भी साथ आए होते हैं। ये अन्य शब्द उद्देश्य का विस्तार कहलाते हैं।
जैसे –

  1. काला साँप पेड़ के नीचे बैठा है।
  2. इनमें काला शब्द उद्देश्य का विस्तार हैं

सरल/साधारण वाक्य का विश्लेषण आधारभूत विश्लेषण क्या है

जिस वाक्य में केवल एक ही उद्देश्य (कर्ता) और एक ही समापिका क्रिया हो, वह साधारण वाक्य कहलाता है।
जैसे –

  1. लड़का खेलता है।
  2. इसमें ‘लड़का’ उद्देश्य है और ‘खेलता है’ विधेय।

इसमें कर्ता के साथ उसके विस्तारक विशेषण और क्रिया के साथ विस्तारक सहित कर्म एवं क्रिया-विशेषण आ सकते हैं।
जैसे –

  1. अच्छे लड़के अच्छी तरह खेलते हैं।
  2. यह भी साधारण वाक्य है।

Types of Sentences in Hindi – सरल/साधारण वाक्य का विश्लेषण के नियम

– सबसे पहले इसमें वाक्य के दो अंग – उद्देश्य तथा विधेय को बताना होता है।
– उद्देश्य के अंग – कर्ता व कर्ता का विस्तार
– विधेय के अन्तर्गत कर्म व कर्म का विस्तारक, पूरक, पूरक का विस्तारक।

जैसे –

FUNDAMENTAL ANALYSIS

अगर कंपनी के फंडामेंटल एनालिसिस से ये पता चलता है कि – कंपनी को फ्यूचर आधारभूत विश्लेषण क्या है में कुछ खास फायदा नहीं होने वाला, ये कंपनी के ऊपर कर्जे बहुत ज्यादा है, तो फंडामेंटल एनालिसिस के आधार पर निवेशक आधारभूत विश्लेषण क्या है ऐसी कम्पनी का शेयर नहीं खरीदता है,

BASIC OF FUNDAMENTAL ANALYSIS

किसी स्टॉक में लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट के लिए हमें कंपनी के FUNDAMENTAL ANALYSIS पर ज्यादा ध्यान देना होता है, ताकि कंपनी मार्केट में शोर्ट टर्म उतार चढाव से आगे निकलकर हमें लॉन्ग टर्म में अच्छा लाभ दे,

और FUNDAMENTAL ANALYSIS से पहले हमें इसके कुछ BASICS को समझना भी जरुरी है, ध्यान देने वाली बात ये है कि FUNDAMENTAL ANALYSIS पूरी तरह किसी कंपनी और उसके बिज़नस से जुड़े अलग अलग बातो और FACTS के बारे अध्ययन करना होता है,

ऐसे में सबसे पहले हमें एक BUSINESS और उसके शुरुआत से लेकर स्टॉक मार्केट में लिस्ट होने से पहले क्या क्या स्टेज से गुजरती है, इसके बारे में STUDY करना जरुरी है,

आइये सबसे पहले इन दोनों बेसिक बातो को समझते है- कि कैसे एक बिज़नस शुरू होता है, और किस तरह वो आगे बढ़ते बढ़ते स्टॉक मार्केट में लिस्ट होता है,

Data Analysis in Hindi,डाटा एनालिसिस क्या है।

Data Analysis शब्द का अर्थ है,डाटा का विश्लेषण करना यानि डाटा को परखना। यह डाटा किसी भी प्रकार का और किसी भी क्षेत्र से हो सकता है,जैसे की मेडिकल का डाटा ,कंस्ट्रक्शन का डाटा या फिर किसी बड़ी संस्था या रिटेल का डाटा। लेकिन अब सवाल उठता है,की डाटा का विशेलषण आंखिर क्यों किया जाता है,और इसकी क्या प्रक्रिया है,तो आइये समझते हैं।

डाटा एनालिसिस क्या है। Data Analysis in Hindi.

डाटा एनालिसिस एक ऐसी प्रक्रिया है,जिसके द्वारा Raw और Unstructured डाटा में से उपयोगी जानकारियाँ निकाली जाती हैं, ताकि निकाली गई इन जानकारियों के आधार पर प्रभावी निर्णय लिए जा सकें।

Data Analysis प्रक्रिया में डाटा का निरीक्षण उसकी प्रोसेसिंग,क्लीनिंग,ट्रांसफॉर्मिंग और मॉडलिंग शामिल होती है,और इन सभी प्रक्रियाओं का इस्तेमाल कर Raw डाटा में से अपने काम की जानकारी निकाल ली जाती है,ताकि इस जानकारी के आधार पर बेहतर निर्णय लिए जा सकें।

इसका उदाहरण आप ठीक उसी तरह से लें सकते हैं,जैसे अपने जीवन में भी हम किसी महत्वपूर्ण कार्य को करने से पहले उसके बारे में विचार करते हैं, यदि अतीत में भी वह कार्य हमने किया है,तो उसका विश्लेषण करते हैं,उससे कुछ सीख लेते हैं,और फिर उसी के आधार पर आगे के कार्य के लिए कोई निर्णय लेते हैं,यही Analysis कहलाता है।

डाटा एनालिसिस क्यों किया जाता है।

डाटा एनालिसिस करने के पीछे का कारण सीधे तोर पर उपयोगी जानकारियाँ जुटाना है,ताकि जुटाई गई जानकारी के अनुसार आगे की प्रभावी रणनीति तैयार की जा सके और उपयुक्त कदम उठाए जा सके।

data एनालिसिस आज किसी भी बिज़नेस का एक प्रमुख हिस्सा है,जहाँ पर बिज़नेस के पिछले सारे डाटा का डाटा साइंटिस्ट या डाटा एनालिस्ट के द्वारा विश्लेषण किया जाता है,और एनालिसिस की एक तय प्रक्रिया के द्वारा डाटा को प्रोसेस किया जाता है,जिसके बाद बिज़नेस से जुड़ी उपयोगी जानकारियाँ प्राप्त होती है,जिन्हे Processed Data भी कहा जाता है।

इन उपयोगी जानकारियों से बिज़नेस की पिछली पूरी रिपोर्ट मिल जाती है,उदाहरण के तोर पर जैसे बिज़नेस को डेवलप करने के लिए क्या कदम उठाए गए थे,उनसे बिज़नेस को क्या फायदा या नुकसान हुवा इत्यादि और फिर इन्ही आंकड़ों के अनुसार आगे के लिए उचित निर्णय लिए जाते हैं।

डाटा एनालिसिस की प्रक्रिया। Method of Data Analysis in Hindi.

किसी Raw डाटा में से उपयोगी जानकारी निकालने के लिए Data Analysis Process का इस्तेमाल किया जाता है। यह एक प्रक्रिया है जिसका पालन करने के बाद ही एनालिसिस पूरी हो पाती है और उपयोगी जानकारी सामने निकल कर आती है।


डाटा एनालिसिस प्रोसेस के अंतर्गत निम्नलिखित चरण शामिल हैं।

यह डाटा एनालिसि का सबसे पहला और मुख्य चरण है,जिसमे आपको अपनी जरुरत को समझना होता है,यानि किस प्रकार का डाटा एनालिसिस आप चाहते हैं,और उससे क्या परिणाम की इच्छा रखते हैं। इस चरण का उद्देश्य आपकी डाटा एनालिसिस की जरुरत को समझना होता है,जैसे क्या,कैसे और क्यों ताकि स्पष्टता रहे।


Data Collection:-

पहले चरण के बाद आधारभूत विश्लेषण क्या है आपके सामने स्पष्टता आ जाएगी और इसका अगला चरण है डाटा कलेक्शन का। यह एक महत्वपूर्ण चरण होता है क्योंकि इसमें सही डाटा श्रोतों के चुनाव पर ही एनालिसिस का परिणाम निर्भर करता है।डाटा कलेक्शन में सबसे पहले Internal Sources से डाटा जुटाया जाता है,

जैसे की CRM Software ERP system,Marketing tools इत्यादि से जिनमे कस्टमर की जानकारी,वित्त की जानकारी और सेल्स इत्यादि की जानकारी रहती है।

अब आते हैं दूसरे श्रोत यानि External Sources इनमे Structured और Unstructured दोनों प्रकार का डाटा शामिल होता है,जिन्हे कई बाहरी श्रोतों से इखट्टा किया जाता है,जो आपके ब्रांड से किसी भी रूप में जुड़े हों जैसे Review sites,Social Sites इत्यादि।

Data Cleaning :-

डाटा क्लीनिंग के इस चरण में डाटा की सफाई की जाती है,यानि जो भी डाटा Collect किया गया है,वह पूरी तरह से उपयोग लायक नहीं होता या कह सकते हैं की समझा नहीं जा सकता। तो इसके लिए Data Team द्वारा इस डाटा की Cleaning और Sorting की जाती है,यह data Analysis का एक बहुत ही महत्वपूर्ण चरण है।

इसकी Cleaning में सही परिणाम प्राप्त करने के लिए डुप्लीकेट,असंगत डाटा को हटा दिया जाता है,यानि किसी भी प्रकार का Error इस डाटा में से हटा दिया जाता है। डाटा क्लीनिंग की इस प्रक्रिया के लिए विभिन्न Tools का उपयोग किया जाता है।

Data Analysis :-

जब एक बार डाटा Collect,Processed और Clean हो जाए,तो वह analysis के लिए तैयार हो जाता है। डाटा एनालिसिस की विभिन्न तकनीक उपलब्ध हैं जिनमे से आप कौन सी तकनीक का उपयोग करते हैं वो आपकी जरुरत पर निर्भर करता है।

इस चरण में Analyst उन सभी तत्वों को ढूंढ़ता है जो आपके टारगेट से सम्बंधित हो। यानि इस चरण में डाटा में काफी छेड़-छाड़ व बदलाव किया जाता है,ताकि data Variables में समानता ढुंडी जा सके और इसके लिए सॉफ्टवेयर टूल्स का इस्तेमाल किया जाता है,ताकि अंत में आपकी जरुरत अनुसार आधारभूत विश्लेषण क्या है जानकारियाँ निकाली जा सके।

Communication:-

ऊपर के सभी चरणों से गुजरने के बाद अंतिम चरण कम्युनिकेशन का है,यानि जो भी जानकारी एनालिसिस में निकल कर आई है,उसे यूजर की जरुरत अनुसार किस रूप में प्रस्तुत किया जाए जैसे की Table या Charts के रूप में जिससे यूजर को साफ़-साफ़ एनालिसिस का परिणाम या जानकारी दिखाई दे और समझ में आ जाए। या इसमें यह भी हो सकता है की यूजर अतिरिक्त एनालिसिस चाहता हो।

अंतिम शब्द

तो दोस्तों हमें विश्वास है,अब आपको जानकरी हो गई होगी की डाटा एनालिसिस क्या है , Data Analysis in Hindi और Data Analyzing Process क्या है। यदि अभी भी इस से सम्बंधित आपके कोई सवाल हैं,तो आप कमेंट कर के हमसे पूछ सकते हैं।

Types of Sentences in Hindi (वाक्य-विश्लेषण), Format, Examples

Types of Hindi Sentences | Format, Definition, Example of Hindi Sentences

Types of sentences in Hindi – Vakya Vishleshan (वाक्य-विश्लेषण): इस लेख में हम वाक्य-विश्लेषण की सम्पूर्ण जानकारी हासिल करेंगे। वाक्य-विश्लेषण की परिभाषा, वाक्य के दो प्रमुख खण्ड, सरल/साधारण वाक्य का विश्लेषण, मिश्र या मिश्रित वाक्य का विश्लेषण, संयुक्त वाक्य का वाक्य विश्लेषण इन सभी के बारे में विस्तार पूर्वक जानेंगे –

वाक्य-विश्लेषण की परिभाषा – Defintion of Sentences in Hindi

  1. सबसे पहले यह जानना जरूरी है कि वाक्य क्या है।
  2. एक विचार को पूर्ण रूप से प्रकट करने वाला शब्द-समूह वाक्य कहलाता है।

जैसे-
मैं दो दिन से बीमार हूँ।
इसी तरह, किसी वाक्य के विभिन्न घटकों (पदों या पदबंधों) को अलग-अलग करके उनके परस्पर संबंध को बताना वाक्य विश्लेषण कहा जाता है। इस प्रक्रिया को वाक्य विग्रह भी कहते हैं।
दूसरे शब्दों में – रचना के आधार पर बने वाक्यों को उनके अंगों सहित अलग कर उनका परस्पर सम्बन्ध बताना वाक्य विश्लेषण कहलाता है।

रचना के अनुसार वाक्य के निम्नलिखित भेद हैं –
1. साधारण वाक्य।
2. संयुक्त वाक्य।
3. मिश्रित वाक्य।
तीनों वाक्यों का वाक्य-विश्लेषण के अलग-अलग नियम होते हैं। इन नियमों को जानने से पहले वाक्य के दो प्रमुख खण्डों को जान लेना भी अति आवश्यक है-
1. उद्देश्य – जिनके विषय में कुछ कहा जाए।
2. विधेय आधारभूत विश्लेषण क्या है – उद्देश्य (कर्ता) जो कुछ करता है वह विधेय है।

जैसे-

वाक्य

उद्देश्य (कर्ता)

विधेय

कबूतर डाल पर बैठा है।

कबूतर

डाल पर बैठा है।

मैं दो दिन से बीमार हूँ।

मैं

दो दिन से बीमार हूँ।

उद्देश्य का विस्तार – कई बार वाक्य में उसका परिचय देने वाले अन्य शब्द भी साथ आए होते हैं। ये अन्य शब्द उद्देश्य का विस्तार कहलाते हैं।
जैसे –

  1. काला साँप पेड़ के नीचे बैठा है।
  2. इनमें काला शब्द उद्देश्य का विस्तार हैं

सरल/साधारण वाक्य का विश्लेषण

जिस वाक्य में केवल एक ही उद्देश्य (कर्ता) और एक ही समापिका क्रिया हो, वह साधारण वाक्य कहलाता है।
जैसे –

  1. लड़का खेलता है।
  2. इसमें ‘लड़का’ उद्देश्य है और ‘खेलता है’ विधेय।

इसमें कर्ता के साथ उसके विस्तारक विशेषण और क्रिया के साथ विस्तारक सहित कर्म एवं क्रिया-विशेषण आ सकते हैं।
जैसे –

  1. अच्छे लड़के अच्छी तरह खेलते हैं।
  2. यह भी साधारण वाक्य है।

Types of Sentences in Hindi – सरल/साधारण वाक्य का विश्लेषण के नियम

– सबसे पहले इसमें वाक्य के दो अंग – उद्देश्य तथा विधेय को बताना होता है।
– उद्देश्य के अंग – कर्ता व कर्ता का विस्तार
– विधेय के अन्तर्गत कर्म व कर्म का विस्तारक, पूरक, पूरक का विस्तारक।

जैसे –

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