3. डिपॉज़िट और विध्ड्रॉल को आसान बनाने के लिए एक विश्वसनीय पेमेंट गेटवे कनेक्ट करें।

Crypto और Stocks में क्या अंतर है? Difference Between Crypto and Stocks in Hindi

जैसे जैसे भारत में Crypto निवेशकों की संख्या बढ़ती जा रही है। वैसे वैसे लोगों के बीच में ये उत्सुकता भी बनी हुई है की “What are the Differences Between Crypto and Stocks in Hindi”. तो साथियों हम आपको इस लेख के माध्यम से बताएंगे की Crypto और Stocks के बीच में क्या अंतर है।

इसके अलावा अगर आप इंटरनेट के ढूंढ रहें हो जैसे की Difference Between Crypto and Stocks in Hindi, Crypto aur Stocks me anter, Crypto Stocks se kaise alag hai, Crypto aur Stocks ke fayde nuksan, Which is Best out of Crypto and Stocks in Hindi, आदि।

तो आपको इन बातों के बारे में जानने के लिए कहीं ओर नहीं जाना पड़ेगा क्योंकि हम आपको इन सभी सवालों का जवाब बड़ी ही आसान भाषा में देंगे ताकि आपको भी पता चल सके कि आपके लिए कौन सी Investment बेहतर रहेगी।

Crypto और Stocks में क्या अंतर है? Difference Between Crypto and Stocks in Hindi

यदि हम बात करें Cryptocurrency की तो एक प्रकार की Digital Assets हैं जो Blockchain Technology के ऊपर काम करती है।

वहीं दूसरी ओर Stocks किसी कम्पनी की हिस्सेदारी होती है। जिसमें आपके द्वारा खरीदे हुए शेयर्स के बदले आपको उस कम्पनी में हिस्सेदारी मिलती है। ये दोनो ही अलग अलग Asset Class हैं। मगर हम इन दोनो को ही Trade कर सकते हैं, तथा लंबी अवधि के लिए निवेश भी कर सकते हैं।

अगर हम इन दोनो ही Assets की बात करें तो दोनों से ही निवेशक पैसा कमाना चाहते हैं। मगर दोनों में निवेश करने का तरीका भिन्न भिन्न है। यदि आप Crypto में निवेश करते हैं तो आपको न ही यहां Stocks की तरह कम्पनी में हिस्सेदारी मिलती है और ना ही यहां कोई डिविडेंट मिलता है।

Cryptocurrency क्या है? What is Cryptocurrency in Hindi?

अगर साधारण शब्दों में कहें तो Crypto currency एक Digital Currency है जो Blockchain Technology के ऊपर काम करती है। इसमें Cryptography तकनीक का उपयोग कर इसे सुरक्षित बनाया जाता है। इसकी सभी लेनदेन अच्छे से वेरिफाई की जाती हैं तभी ये पूरी हो पाती हैं। तथा हमे ट्रांजेक्शन के लिए किसी Exchange का उपयोग करना होता है। और यहां पर दो प्रकार के Crypto Exchanges होते हैं। जो की Centralized Crypto Exchanges और Decentralized Crypto Exchanges होते हैं।

Stocks का मतलब होता है किसी भी बिजनेस में खरीदे हुए Stocks के अनुसार मालिकाना हक मिलना, यहां पर आपको कम्पनी में उतनी ही हिस्सेदारी मिलती है जीतने प्रतिशत अपने Stocks खरीदे हैं। इसमें शेयरधारकों को उनकी हिस्सेदारी के अनुसार ही मुनाफा और घाटा होता है। शेयर बाजार में Stocks का मूल्य कंपनी के प्रदर्शन पर तथा बाजार में कुछ नई घोषणा या किसी खबर के हिसाब से ऊपर नीचे होता है।

Main Differences Between Crypto and Stocks in Hindi

अगर हम इन दोनों में अंतर की बात करें तो यहां पर ऐसी काफी भिन्नताएं हैं जो हमे देखने को मिलती हैं, तथा आपको भी इन्हें अवश्य जानना चाहिए।

Exchanges

यदि हम Crypto Exchanges की बात करें तो ये Stock Market Exchanges की तुलना में काफी नए हैं। यहां पर दुनिया का सबसे बड़ा Crypto Exchange, Binance ही वर्ष 2017 में लॉन्च हुआ था। 2021 के मध्य में इसके ऊपर Daily Trading Volume $50 Billion थी।

अगर हम बात करें Share Market Exchanges की तो ये सैंकड़ों साल पुराने हैं, और NASDAQ की एक दिन की कुल ट्रेडिंग वॉल्यूम का जिक्र करें तो Binance से 5 गुणा अधिक है। और ये तो सिर्फ एक देश का Stock Exchange है। इसी तरह हर देश में अलग अलग Stock Exchanges हैं।

Crypto Currency में निवेश का है इरादा, तो जान लें इनकी ट्रेडिंग पर लगती है कौन-कौन सी फीस

Crypto Currency में निवेश का है इरादा, तो जान लें इनकी ट्रेडिंग पर लगती है कौन-कौन सी फीस

जिस तरह से स्टॉक एक्सचेंज पर शेयर खरीदे और बेचे जाते हैं, वैसे ही क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज पर एक निश्चित प्राइस पर क्रिप्टोकरेंसी खरीद सकते हैं और जब मुनाफा मिले तो इसे बेच सकते हैं. (Representative Image)

Trading in Crypto Currencies: दुनिया भर में निवेशकों के बीच क्रिप्टो करेंसी में निवेश को लेकर आकर्षण बढ़ रहा है. इसमें क्रिप्टो करेंसी एक्सचेंज के जरिए ट्रेडिंग होती है. इस एक्सचेंज पर मौजूदा मार्केट वैल्यू के आधार पर क्रिप्टो करेंसीज को खरीदा-बेचा जाता है. जहां इनकी कीमत मांग और आपूर्ति के हिसाब से तय होती है. जिस तरह से स्टॉक एक्सचेंज पर शेयर खरीदे और बेचे जाते हैं, वैसे ही क्रिप्टो करेंसी एक्सचेंज पर एक निश्चित प्राइस पर क्रिप्टो करेंसी खरीद सकते हैं और जब मुनाफा मिले तो बेच सकते हैं. स्टॉक एक्सचेंज की तरह ही क्रिप्टो करेंसी एक्सचेंज पर भी ट्रेडिंग के लिए फीस चुकानी होती है. इसलिए अगर आपने क्रिप्टो करेंसी में निवेश करने की सोच रहे हैं, तो पहले इनकी ट्रेडिंग पर लगने वाली तीन तरह की ट्रांजैक्शन फीस के बारे में जरूर जान लें.

एक्सचेंज फीस

  • क्रिप्टो खरीद या बिक्री ऑर्डर को पूरा करने के लिए एक्सचेंज फीस चुकानी होती है. भारत में अधिकतर क्रिप्टो करेंसी एक्सचेंज का फिक्स्ड फीस मॉडल है, लेकिन ट्रांजैक्शन की फाइनल कॉस्ट उस प्लेटफॉर्म पर निर्भर होती है जिस पर ट्रांजैक्शन पूरा हुआ है. ऐसे में इसे लेकर बेहतर रिसर्च करनी चाहिए कि कौन सा क्रिप्टो करेंसी एक्सचेंज सबसे कम ट्रांजैक्शन फीस ले रहा है.
  • फिक्स्ड फीस मॉडल के अलावा क्रिप्टो एक्सचेंज में मेकर-टेकर फी मॉडल भी है. क्रिप्टो करेंसी बेचने वाले को मेकर कहते हैं और इसे खरीदने वाले को टेकर कहते हैं. इस मॉडल के तहत ट्रेडिंग एक्टिविटी के हिसाब से फीस चुकानी होती है.
  • क्रिप्टोकरेंसी माइन करने क्रिप्टो एक्सचेंज और स्टॉक एक्सचेंज के बीच क्या अंतर है वालों को नेटवर्क फीस चुकाई जाती है. ये माइनर्स शक्तिशाली कंप्यूटर्स के जरिए किसी ट्रांजैक्शन को वेरिफाई और वैलिडेट करते हैं और ब्लॉकचेन में जोड़ते हैं. एक तरह से कह सकते हैं कि कोई ट्रांजैक्शंन सही है या गलत, यह सुनिश्चित करना इन माइनर्स का काम है. एक्सचेंज का नेटवर्क फीस पर सीधा नियंत्रण नहीं होता है. अगर नेटवर्क पर भीड़ बढ़ती है यानी अधिक ट्रांजैक्शन को वेरिफाई और वैलिडेट करना होता है तो फीस बढ़ जाती है.
  • आमतौर पर यूजर्स को थर्ड पार्टी वॉलेट का प्रयोग करते समय ट्रांजैक्शन फीस को पहले से ही सेट करने की छूट होती है. लेकिन एक्सचेंज पर इसे ऑटोमैटिक एक्सचेंज द्वारा ही सेट किया जाता है ताकि ट्रांसफर में कोई देरी न हो. जो यूजर्स अधिक फीस चुकाने के लिए तैयार हैं, उनका ट्रांजैक्शन जल्द पूरा हो जाता है और जिन्होंने फीस की लिमिट कम रखी है, उनके ट्रांजैक्शन पूरा होने में कुछ समय लग सकता है. माइनर्स को इलेक्ट्रिसिटी कॉस्ट और प्रोसेसिंग पॉवर के लिए फीस दी जाती है.

वॉलेट फीस

  • क्रिप्टो करेंसी को एक डिजिटल वॉलेट में रखा जाता है. यह वॉलेट एक तरह से ऑनलाइन बैंक खाते के क्रिप्टो एक्सचेंज और स्टॉक एक्सचेंज के बीच क्या अंतर है समान होता है जिसमें क्रिप्टो करेंसी को सुरक्षित रखा जाता है. अधिकतर वॉलेट में क्रिप्टो करेंसी के डिपॉजिट और स्टोरेज पर कोई फीस नहीं ली जाती है, लेकिन इसे निकालने या कहीं भेजने पर फीस चुकानी होती है. यह मूल रूप से नेटवर्क फीस है. अधिकतर एक्सचेंज इन-बिल्ट वॉलेट की सुविधा देते हैं.
  • क्रिप्टो वॉलेट्स सिस्टमैटिक क्रिप्टो करेंसी खरीदने का विकल्प देते हैं और इसके इंटीग्रेटेड मर्चेंट गेटवे के जरिए स्मार्टफोन व डीटीएस सर्विसेज को रिचार्ज कराया जा सकता है.
    (Article: Shivam Thakral, CEO, BuyUcoin)
    (स्टोरी में क्रिप्टोकरेंसी को लेकर दिए गए सुझाव लेखक के हैं. फाइनेंशियल एक्सप्रेस ऑनलाइन इनकी कोई जिम्मेदारी नहीं लेता. निवेश से पहले अपने सलाहकार से जरूर परामर्श कर लें.)

क्रिप्टो एक्सचेंज लिक्विडिटी

क्रिप्टोकरेंसी को 2020 में बाजार पूंजीकरण की महत्वपूर्ण वृद्धि के साथ निवेश के दृष्टिकोण का एक नया दौर मिला है। इस बीच, विशेषज्ञ कम लिक्विडिटी के रूप में 95% से अधिक समझते हैं। इसके अलावा, दो धारणाओं के बीच एक अंतर है: संपत्ति लिक्विडिटी और क्रिप्टो एक्सचेंज लिक्विडिटी। ट्रेडर और निवेशकों को इन धारणाओं को मिलाना नहीं चाहिए।

क्रिप्टो बाजार 8 000 से अधिक विभिन्न वर्चूअल संपत्ति प्रदान करता है, जबकि ट्रेडर और निवेशक विविध रणनीतियों का पालन करते हैं। कोई व्यक्ति लंबी अवधि के लिए शीर्ष-रेटेड क्रिप्टोकरेंसी में निवेश करता है, जबकि अन्य कम ज्ञात संपत्ति की तलाश में हैं, जो उच्चतम लाभ की ओर मार्ग प्रशस्त करते हैं।

बाजार सहभागियों के लिए लिक्विडिटी का क्या अर्थ है? आप आसानी से उच्च लिक्विडिटी के साथ परिसंपत्तियों का आदान-प्रदान कर सकते हैं। जैसा कि अनैतिक क्रिप्टोकरेंसी के लिए, आपूर्ति और मांग को सहसंबद्ध नहीं किया जाता है, और क्रिप्टो एक्सचेंज और स्टॉक एक्सचेंज के बीच क्या अंतर है एक धारक को अपने बाजार मूल्य से कम संपत्ति बेचने की आवश्यकता होती है। इसके अलावा, नोन-लिक्विडिटी वर्चूअल मुद्राओं के मूल्य आंदोलन कभी-कभी तर्क से बाहर हो जाते हैं - कुछ सौदे सामान्य रूप से बाजार की स्थिति को प्रभावित कर सकते हैं।

क्रिप्टो एक्सचेंज लिक्विडिटी: सामान्य अवलोकन

ट्रेडर और निवेशक कहीं से भी वर्चूअल संपत्ति नहीं खरीद सकते। क्रिप्टो एक्सचेंज और अन्य ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म इस तरह के अवसर के साथ बाजार सहभागियों को सक्षम करते हैं। ये प्लेटफ़ॉर्म या तो लिक्विड या इलिक्विड हो सकते हैं। क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज जितना अधिक लिक्विड होता है, ट्रेडर को उनके ऑर्डर को निष्पादित करने की आवश्यकता कम होती है।

क्रिप्टो एक्सचेंज लिक्विडिटी के दृष्टिकोण से निम्नलिखित कारक महत्वपूर्ण हैं:

दैनिक ट्रेडिंग वॉल्यूम। किसी निश्चित एक्सचेंज के 24 घंटे के ट्रेडिंग वॉल्यूम इंडेक्स को देखें। उच्च मात्रा दर्शाती है कि ट्रेडर्स के बीच एक्सचेंज एक मांग है। इस बीच, एक निश्चित ट्रेडिंग जोड़ी के दैनिक ट्रेडिंग वॉल्यूम को ध्यान में रखें। उदाहरण के लिए, एक एक्सचेंज समग्र संस्करणों की रैंकिंग का नेतृत्व कर सकता है, लेकिन ADA/USDT या EOS/ETH ट्रेडिंग जोड़े के लिए एक ही एक्सचेंज शीर्ष -10 ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म से बाहर हो सकता है।

एक क्रिप्टो क्रिप्टो एक्सचेंज और स्टॉक एक्सचेंज के बीच क्या अंतर है लिक्विडिटी प्रदाता का कार्य क्या है?

जबकि एक क्रिप्टो एक्सचेंज दैनिक टर्नओवर के बारे में बात करते हुए, अधिकांश ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म क्रिप्टो लिक्विडिटी प्रदाताओं के साथ सौदा करते हैं। ये कंपनियां एक बड़ी मात्रा में डिजिटल संपत्ति रखती क्रिप्टो एक्सचेंज और स्टॉक एक्सचेंज के बीच क्या अंतर है हैं, जो एक्सचेंज के भीतर ट्रेडिंग प्रवाह को उत्तेजित करती हैं। प्रदाता कुछ ट्रेडिंग जोड़े के भीतर मांग और आपूर्ति की अन्योन्याश्रयता को संतुलित करने के लिए जिम्मेदार हैं। नतीजतन, ट्रेडर्स को न्यूनतम प्रसार सूचकांक और क्रिप्टोकरेंसी को क्रिप्टो एक्सचेंज और स्टॉक एक्सचेंज के बीच क्या अंतर है तुरंत एक्सचेंज करने की क्षमता मिलती है।

क्रिप्टो लिक्विडिटी प्रदाताओं को "बाजार निर्माताओं" शब्द के तहत भी जाना जाता है। वे बाजार में भाग लेने वाले भी हैं, जो कुल ट्रेडिंग वॉल्यूम के लगभग 90% पर कब्जा कर रहे हैं। क्रिप्टो लिक्विडिटी प्रदाताओं के लिए मुख्य लाभ स्रोत ट्रेडिंग शुल्क में निहित है जो अन्य उपयोगकर्ताओं से शुल्क लिया जाता है।

क्रिप्टो एक्सचेंज कैसे बनाएं?

क्रिप्टो क्षेत्र हाल के वर्षों की सबसे उल्लेखनीय सफलताओं में से एक है, और नए खिलाड़ियों के पास अभी भी तेजी से बढ़ती रुचि को भुनाने की संभावना है। क्रिप्टो एक्सचेंजों की कुल संख्या लगातार 400 की ओर बढ़ रही है; इस बीच, व्यापार मालिकों की भीड़ अपने स्वयं के ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म चलाने के अवसर के बारे में सोच रही है। क्रिप्टो एक्सचेंज कैसे शुरू करें, और किन महत्वपूर्ण मानदंडों को ध्यान में रखना है? अपनी गलतियों और नुकसान को रोकने के उद्देश्य से व्यापक मार्गदर्शिका जानें।

इस प्रक्रिया में कई महत्वपूर्ण चरण और नुकसान हैं, लेकिन मूल चरण इस प्रकार हैं:

निर्णय करे कि सेवाएं कहां प्रदान करें।

एक निश्चित देश की कानूनी आवश्यकताओं के बारे में गहराई से जाने।

एक बैंकिंग संस्थान या पेमेंट गेटवे कनेक्ट करें।

एक बैंकिंग संस्थान या पेमेंट गेटवे कनेक्ट करें।

Conclusion

आज के इस पोस्ट में हमने जाना की Cryptocurrency Market और Stocks Market किसे कहते है और Difference Between Cryptocurrency Market and Stocks Market in Hindi की Cryptocurrency Market और Stocks Market में क्या अंतर है।

हालांकि क्रिप्टो और स्टॉक के बीच स्पष्ट अंतर हैं, लेकिन फिर भी कुछ समानताएं हैं। क्रिप्टो और स्टॉक दोनों ही वैध निवेश विकल्प हैं, और वे आपके पोर्टफोलियो में विभिन्न उद्देश्यों की पूर्ति कर सकते हैं।

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