Written By: Vikash Tiwary @ivikashtiwary
Published on: December 03, 2022 15:01 IST

टॉप 12 लाभदायक निवेश विकल्प

हम न्यूनतम रु. 15,000 से शुरू होने वाले टर्म डिपॉजिट ऑफर करते हैं जिन्हें आमतौर पर फिक्स्ड डिपॉजिट भी कहा जाता है. आप ऑनलाइन फिक्स्ड डिपॉजिट खोल सकते हैं और 12 महीनों से 60 महीनों तक की अवधि चुन सकते हैं. हम समय-समय पर एफडी के लिए उच्च ब्याज दरों के साथ विशेष अवधि की सुविधा देते हैं. हमारे फिक्स्ड डिपॉजिट में, आप एक निश्चित अवधि के टॉप 12 लाभदायक निवेश विकल्प लिए एक निश्चित राशि इन्वेस्ट करते हैं और आपको मेच्योरिटी पर या एक निर्धारित फ्रिक्वेंसी पर ब्याज मिलता है.

सिस्टमेटिक डिपॉजिट प्लान-सिंगल मेच्योरिटी स्कीम (एसएमएस)

हमने रेकरिंग डिपॉजिट (आवर्ती जमा) में दिलचस्पी लेने वाले कस्टमर के लिए एक विशेष डिपॉजिट प्लान बनाया है, जिसे सिस्टमेटिक डिपॉजिट प्लान (एसडीपी) कहा जाता है. एसडीपी में, आप एक निर्धारित अवधि (12 से 60 महीने) के लिए हर महीने रु. 5,000 तक इन्वेस्ट कर सकते हैं. सिंगल मेच्योरिटी स्कीम (एसएमएस) के तहत, आपको मेच्योरिटी पर मूलधन और ब्याज मिलता है. प्रत्येक नए डिपॉजिट पर ब्याज को राशि डिपॉजिट किए जाने वाले महीने में लागू ब्याज दरों के आधार पर कैलकुलेट किया जाता है.

सिस्टमेटिक डिपॉजिट प्लान- मासिक मेच्योरिटी स्कीम (एमएमएस)

हमने रेकरिंग डिपॉजिट (आवर्ती जमा) में दिलचस्पी लेने वाले कस्टमर के लिए एक विशेष डिपॉजिट प्लान बनाया है, जिसे सिस्टमेटिक डिपॉजिट प्लान (एसडीपी) कहा जाता है. एसडीपी में, आप एक निर्धारित अवधि (12 से 60 महीने) के लिए हर महीने रु. 5,000 तक इन्वेस्ट कर सकते हैं. मंथली मेच्योरिटी स्कीम (एमएमएस) के तहत, आपको हर महीने ब्याज का भुगतान मिलेगा और मूलधन का भुगतान मेच्योरिटी पर किया जाएगा. प्रत्येक नए डिपॉजिट पर ब्याज को राशि डिपॉजिट किए जाने वाले महीने में लागू ब्याज दरों के आधार पर कैलकुलेट किया जाता है.

एसबीआई, पीएनबी समेत टॉप-10 टॉप 12 लाभदायक निवेश विकल्प बैंकों में से FD पर कौन दे रहा ज्यादा ब्याज, देखें यहां

फिक्स्ड डिपॉजिट एक सुरक्षित निवेश विकल्प है जो लगातार ब्याज दरों की गारंटी देता है। इसके तहत वरिष्ठ नागरिकों को विशेष ब्याज दर का फायदा मिलता है। बता दें स्टेट बैंक, आईसीआईआई बैंक,एक्सिस बैंक.

एसबीआई, पीएनबी समेत टॉप-10 बैंकों में से FD पर कौन दे रहा ज्यादा ब्याज, देखें यहां

फिक्स्ड डिपॉजिट एक सुरक्षित निवेश विकल्प है जो लगातार ब्याज दरों की गारंटी देता है। इसके तहत वरिष्ठ नागरिकों को विशेष ब्याज दर का फायदा मिलता है। बता दें स्टेट बैंक, आईसीआईआई बैंक,एक्सिस बैंक, एचडीएफसी समेत कई बैंक सात दिन से 10 साल तक की जमा अवधि के लिए फिक्स डिपॉजिट पर 7 से 7.5% तक ब्याज दे रहे हैं। 7 दिनों से 10 वर्ष तक के कार्यकाल के लिए शीर्ष बैंकों की नवीनतम ब्याज दरें नीचे दी गई हैं।

शीर्ष 10 बैंकों की फिक्स्ड डिपॉजिट ब्याज दरें (2 करोड़ रुपये से कम जमा पर)

वरिष्ठ नागरिक (ब्याज दर वार्षिक)

स्रोत: बैंक बाजार डॉट कॉम

अन्य बैंकों की बात करें तो एफडी पर सबसे ज्यादा ब्याज इंडसइंड बैंक दे रहा है। इंडसइंड बैंक द्वारा आम जनता के लिए 7 दिनों से लेकर 10 वर्ष तक की अवधि के लिए फिक्स डिपॉजिट पर 7.00% सालाना दर से ब्याज दिया जा रहा है। वहीं बैंक वरिष्ठ नागरिकों को 7.50% दे रहा है।

अन्य बैंकों का रेट

वरिष्ठ नागरिक (ब्याज दर वार्षिक)

स्रोत: बैंक बाजार डॉट कॉम

एफडी में इन चार बातों का जरूर रखें ध्यान

  • एफडी की अवधि: एफडी में निवेश करने से पहले उसकी अवधि को तय करना बहुत महत्वपूर्ण है। ऐसा इसलिए है क्योंकि अगर निवेशक परिपक्वता से पहले राशि को निकालते हैं तो उन्हें जुर्माने का भुगतान करना होता है।
  • ब्याज दर: एफडी में पैसा लगाते समय उस पर मिलने वाली ब्याज दर को भी देखना बहुत जरूरी है। बैंक अपने मुताबिक अलग-अलग ब्याज दरें पेश करते हैं। इसलिए अलग-अलग बैंकों में फिक्स्ड डिपॉजिट पर मिलने वाली ब्याज दर में अंतर होता है। एफडी में निवेश करने से पहले इनकी तुलना कर लेनी चाहिए।
  • टैक्स छूट: एफडी पर होने वाली ब्याज आय पर टैक्स लगता है। अगर एफडी पर टॉप 12 लाभदायक निवेश विकल्प कमाया गया ब्याज एक वित्तीय वर्ष में 10 हजार रुपये से ऊपर होता है, तो उस ब्याज पर टीडीएस कटता है। वहीं, पांच साल के एफडी पर आपको धारा 80सी के तहत 1.5 लाख की छूट मिलती है।
  • ब्याज की निकासी: एफडी में बैंक तिमाही और सालाना आधार पर ब्याज निकासी का विकल्प देते हैं। अब कुछ बैंक में मासिक निकासी की भी सुविधा दे रहे हैं।

Top Up SIP क्या है? कैसे काम करता है? निवेशक को मालामाल करने वाले इस फॉर्मूले के बारे में यहां जानिए सबकुछ

Mutual Funds Investing: SIP में निवेश करने के बारे में कई बार हम जैसे आम निवेशक सोचते हैं और निवेश करते भी हैं। ऐसे में हमें Top Up SIP के बारे में सबकुछ जान लेना चाहिए। यह तरीका हमें कई तरह का फायदा देता है।

Vikash Tiwary

Written By: Vikash Tiwary @ivikashtiwary
Published on: December 03, 2022 15:01 IST

Top Up SIP क्या है? निवेशक को बना देता है मालामाल- India TV Hindi

Photo:INDIA TV Top Up SIP क्या है? निवेशक को बना देता है मालामाल

Mutual Funds Investing: म्यूचुअल फंड में एक व्यवस्थित निवेश की योजना (एसआईपी) लंबी अवधि के लक्ष्य रखने वाले निवेशकों के लिए संपत्ति बनाने के प्रभावी तरीकों में से एक है। एसआईपी म्यूचुअल फंड एक निश्चित लिमिट पर एक तय राशि का योगदान करने का एक आसान उपाय भी है। आइए जानते हैं टॉप 12 लाभदायक निवेश विकल्प कि TOP Up SIP क्या है, जिसे सभी सफल निवेशक जानते हैं और उसका फायदा उठाते हैं।

ऐसे मिलता है TOP Up SIP का मौका

कभी-कभी जब निवेशकों के पास निवेश करने के लिए अतिरिक्त पैसा होता है, तो विशेषज्ञ उनसे म्यूचुअल फंड में एसआईपी राशि बढ़ाने के लिए कहते हैं, जिसमें वे पहले से ही निवेश कर रहे हैं। यहां एक एसआईपी टॉप-अप आता है, जो निवेशकों को एसआईपी राशि बढ़ाने की अनुमति देता है जो वे सालाना निवेश कर रहे हैं। ऐसी सुविधा एसआईपी की अवधि के दौरान अधिक मात्रा में निवेश करने के लिए निवेशक के लचीलेपन को बढ़ाती है। इन सुविधाओं को SIP बूस्टर या SIP स्टेप-अप सुविधाओं के रूप में भी जाना जाता है।

एक सामान्य एसआईपी के तहत निवेशक अपने एसआईपी अवधि के दौरान अपना योगदान नहीं बढ़ा सकते हैं। ज्यादा निवेश के लिए उन्हें नई स्कीम का विकल्प चुनना होता है, जबकि टॉप-अप एसआईपी या एसआईपी बूस्टर ग्राहकों को अपने एसआईपी योगदान को स्वचालित करने और आय में उनकी अपेक्षित वृद्धि के अनुरूप इसे बढ़ाने की अनुमति देते हैं।

यह कैसे काम करता है?

म्यूचुअल फंड की टॉप-अप सुविधा का चयन करके निवेशक चल रहे एसआईपी में अपना मासिक योगदान बढ़ा सकते हैं। जैसे, अगर कोई निवेशक पहले से ही इक्विटी एमपी स्कीम में 10,000 रुपये का निवेश कर रहा है, और अधिक निवेश करना चाहता है। वह सिप टॉप-अप का विकल्प चुन सकता है और प्रत्येक वित्तीय/कैलेंडर वर्ष या वित्तीय वर्ष या प्रत्येक छह महीने के अंत में अपनी मन मुताबिक राशि जोड़ सकता है।

22 साल पहले PPF पर मिलता था 12 फीसदी ब्याज आज 8 प्रतिशत से भी है कम

PPF Account, Small Saving Account

स्माल सेविंग अकाउंट में PPF अकाउंट काफी सुरक्षित है

पीपीएफ अकाउंट पर कभी 12 फीसदी ब्याज दिया जाता था

बिना नौकरी पेशा वाले लोगों के लिए पीपीएफ अच्छा साधन हैं

नौकरी पेशा समेत अन्य लोगों के लिए आज पब्लिक पोविडेंट फंड यानी PPF काफी लोकप्रिय है. यह एक स्मॉल सेविंग अकाउंट (Small Saving Account) है जिसमें आम लोग टॉप 12 लाभदायक निवेश विकल्प अपनी गाढ़ी कमाई को निवेश करते हैं. इसमें छोटे से बड़े लोग अपना इनवेस्टमेंट करते हैं क्योंकि ये एक सुरक्षित निवेश है. पीपीएफ के जरिए आम लोग अपने भविष्य को सुरक्षित कर सकते हैं. नौकरी पेशा वाले लोगों के लिए EPFO का विकल्प होता है लेकिन जो नौकरी पेशा वाले लोग है उनके लिए PPF एक बढ़िया विकल्प है. हालांकि, पीपीएफ पर मौजूदा समय में 8 फीसदी से भी कम ब्याज मिलता है लेकिन एक समय था जब इस पर सरकार ने 12 फीसदी ब्याज तय की थी.

चलिए आपको पुराने पीपीएफ के बारे में बताते हैं

पीपीएफ की शुरुआत वित्त मंत्रालय के भीतर आने वाले नेशनल सेविंग इंस्टीट्यूट द्वारा 1968 में की गई. इसकी शुरुआत बचत और टैक्स बचाने वाले निवेश के विकल्प के तौर पर की गई थी. शुरू होने के पहले साल इस पर सिर्फ 4.8 फीसदी का ब्याज मिला. अगले साल यानी 1969-70 के लिए इसे रिवाइज कर 5 फीसदी कर दिया गया. बाद में सन 1972 तक यही ब्याज दर बरकरार रही. वहीं, साल 1973 में टॉप 12 लाभदायक निवेश विकल्प ये 5.8 प्रतिशत था इसके बाद साल 1974-75 में ब्याज दर 7 प्रतिशत तक कर दिया गया. इसके बाद से पीपीएफ की ब्याज दर 7 प्रतिशत से कभी कम नहीं हुआ है.

हालांकि, पीपीएफ का स्वर्ण काल 1986 से शुरू हुआ था जो साल 2000 तक रहा. इस बीच पीपीएफ पर ब्याज दर 12 प्रतिशत तक मिलती थी. लेकिन 2001 से लगातार गिरती गई. साल 2018 में पीपीएफ का ब्याज दर 7.60 फीसदी तक पहुंच गया. हालांकि, साल 2018 के अंत में ये फिर से 8 प्रतिशत किया गया था जब आम चुनाव होनेवाले थे. लेकिन आम चुनाव के बाद ही इसे घटा कर 7.90 फीसदी कर दिया गया. यानी साल 2019 से अब तक पीपीएफ का ब्याज 7.90 प्रतिशत पर बरकरार है.

आपको बता दें, स्माल सेविंग अकाउंट के ब्याज दर की समीक्षा हर तिमाही की जाती है. सरकार हर तिमाही इसकी समीक्षा कर ब्याज तर पर फैसला लेता है. आम लोगों को उम्मीद होती है कि सरकार इस पर ब्याज दर बढ़ाएगी लेकिन ऐसा टॉप 12 लाभदायक निवेश विकल्प नहीं होता है.

EPF, VPF और PPF में से किसमें निवेश करना है फायदेमंद? जानिए तीनों योजनाओं की खासियतें और खामियां

ये योजनाएं न केवल अच्‍छा रिटर्न देती हैं बल्कि ये सुरक्षित भी हैं.

ये योजनाएं न केवल अच्‍छा रिटर्न देती हैं बल्कि ये सुरक्षित भी हैं.

लॉन्‍ग टर्म के लिए रिस्‍क फ्री निवेश करने वाले निवेशकों की पहली पसंद प्रोविडेंट फंड योजनाएं हैं. इनमें बढिया रिटर्न तो . अधिक पढ़ें

  • News18Hindi
  • Last Updated : September 20, 2022, 07:15 IST

हाइलाइट्स

ईपीएफ किसी जॉब करने वाले व्यक्ति के सैलरी से एक अनिवार्य योगदान है.
पीपीएफ में कोई भी व्‍यक्ति कर सकता है चाहें वो जॉब करता हो या नहीं.
वीपीएफ एक स्‍वैच्छिक योजना है. इसका अलग से अकाउंट नहीं होता.

नई दिल्‍ली. कर्मचारी भविष्‍य निधि (EPF), पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) और स्‍वै‍च्छिक भविष्‍य निधि (VPF) ऐसी निवेश योजनाएं हैं जो न केवल अच्‍छा टॉप 12 लाभदायक निवेश विकल्प रिटर्न देती हैं बल्कि ये सुरक्षित भी हैं. ये सभी योजनाएं जहां निवेश पर निश्चित रिटर्न की गारंटी देती हैं, वहीं इनमें टैक्‍स छूट का लाभ भी मिलता है. यही वजह है कि लॉन्‍ग टर्म के लिए रिस्‍क फ्री निवेश करने वाले निवेशकों को ये प्रोविडेंट फंड योजनाएं बहुत पसंद हैं.

इन तीनों ही योजनाओं में निवेश करने के कई फायदे होते हैं. इसीलिए निवेशकों के सामने इनमें से किसी एक का चुनाव करना काफी कठिन होता है. ईपीएफ किसी जॉब करने वाले व्यक्ति के सैलरी से एक अनिवार्य योगदान है. पीपीएफ में कोई भी व्‍यक्ति कर सकता है चाहें वो जॉब करता हो या नहीं. इसी तरह वीपीएफ एक स्‍वैच्छिक योजना है. इसका अलग से अकाउंट नहीं होता. ईपीएफ अकाउंट में ही इसके लिए निवेश करना होता है.

कर्मचारी भविष्‍य निधि
सीएनबीसी टीवी18 की एक रिपोर्ट के मुताबिक इस योजना के तहत कर्मचारी को अपने वेतन की एक टॉप 12 लाभदायक निवेश विकल्प तय राशि ईपीएफ अकाउंट में जमा करानी होती है.‍ नियोक्‍ता भी कर्मचारी के ईपीएफ अकाउंट में कर्मचारी के जितनी ही राशि जमा कराता है. ईपीएफ पर जमा राशि पर ब्‍याज मिलता है और इसमें टैक्‍स छूट भी प्राप्‍त होती है.

पब्लिक प्रोविडेंट फंड
PPF सरकार की गारंटीशुदा निवेश योजना है. इसमें रिटर्न फिक्‍स होता है और टैक्‍स छूट मिलती है. इसकी खास बात है कि इसमें वेतनभोगी और गैरवेतनभोगी निवेश कर सकते हैं. पीपीएफ में नियोक्‍ता कोई योगदान नहीं देता है. पीपीएफ में चक्रवृद्धि ब्‍याज मिलता है. इस योजना में 15 साल तक निवेश किया जा सकता है.

वीपीएफ
वॉलेंटरी प्रोविडेंट फंड या स्‍वैच्छिक भविष्‍य निधि एक स्‍वैच्छिक योजना है. ईपीएफ में आप अपनी मर्जी से जो निवेश करते हो, वह वीपीएफ में जाता है. यह ईपीएफ टॉप 12 लाभदायक निवेश विकल्प में किए जाने वाले 12 फीसदी निवेश से अलग होता है. वॉलेंटरी प्रोविडेंट फंड में कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) जितना ब्याज मिलता है. इसकी ब्याज दरों में हर साल परिवर्तन होता है.

कहां करें निवेश?
नौकरी करने वाला व्‍यक्ति ईपीएफ में निवेश करता ही है. अगर आप वेतनभोगी हैं और रिटायरमेंट के लिए ज्‍यादा फंड जमा करना चाहते हैं तो आपको वीपीएफ में भी निवेश करना चाहिए. आप पीपीएफ में अलग से पैसा जमा करा सकते हैं. पीपीएफ और वीपीएफ में से किसी एक में निवेश का निर्णय व्‍यक्ति की निवेश क्षमता और निवेश पर मिलने वाले रिटर्न की अपेक्षा पर निर्भर करता है. वीपीएफ में क्‍योंकि ज्‍यादा ब्‍याज मिल रहा है, इसलिए इसमें किए गए निवेश से तेज गति से ज्‍यादा रिटायरमेंट फंड आप बना सकते हैं.

अगर आपको 15 साल में ही कोई वित्‍तीय लक्ष्‍य हासिल करना है तो आपको पीपीएफ में इनवेस्‍टमेंट करना चाहिए. जिनकी आय ज्‍यादा है वो टैक्‍स फ्री ब्‍याज के लिए वीपीएफ और पीपीएफ दोनों में पैसा लगा सकते हैं. सेल्‍फ इंप्‍लॉयड के लिए पीपीएफ बेहतरीन निवेश विकल्‍प है. यह टैक्‍स सेविंग और लॉन्‍ग टर्म में बड़ा फंड बनाने का बढिया निवेश साधन है.

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