बीएनपी पारिबा बाय शेयरखान में रिसर्च एनालिस्ट अनुज चौधरी ने कहा कि भारत के निराशाजनक वृहत आर्थिक आंकड़ों के सामने आने से रुपये विदेशी मुद्रा व्यापार यूटिलिटीज पर दबाव बढ़ चुका है. जुलाई में भारत का सर्विस पीएमआई घटकर 55.5 रह गया, जो जून में 59.2 था, जबकि इसी अवधि के दौरान पीएमआई 58.2 से घटकर 56.6 रह गया है, जबकि भारत का व्यापार घाटा जून के 26.18 अरब डॉलर की तुलना में जुलाई में बढ़कर 31.02 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है. इन सब कारणों से रुपये के कारोबार पर निगेटिव असर देखा जा रहा है और ये बड़ी गिरावट के साथ कारोबार कर रहा है. इसके आगे भी निगेटिव जोन में ही रहने के संभावना बनी हुई है.

Rupee Vs Dollar: कल रुपये में दिखी भारी गिरावट, आज भी कमजोरी के साथ 79.53 प्रति डॉलर तक नीचे आया

By: ABP Live | Updated at : 04 Aug 2022 10:56 AM (IST)

Rupee Vs Dollar: अमेरिका-चीन के बीच तनाव और निराशाजनक व्यापक आर्थिक आकंड़ों से निवेशकों का सेंटीमेंट प्रभावित हुआ है. इसके चलते बृहस्पतिवार को रुपया विदेशी मुद्रा व्यापार यूटिलिटीज शुरुआती कारोबार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 36 पैसे टूटकर 79.53 विदेशी मुद्रा व्यापार यूटिलिटीज रुपये प्रति डॉलर के भाव पर आ गया है जबकि इसकी शुरुआत 79.23 के भाव पर हुई थी.

कैसा रहा रुपये में ट्रेड
अंतर-बैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 79.23 के भाव पर खुला लेकिन जल्द ही यह 79.53 के स्तर पर खिसक गया. इस तरह पिछले कारोबारी दिवस के मुकाबले रुपया शुरुआती कारोबार में ही 36 पैसे टूट गया. बुधवार को रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 60 पैसे गिरकर 79.17 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ था जो चालू वित्त वर्ष में एक दिन के कारोबार में सबसे बड़ी गिरावट थी.

Forex Reserves: भारत का विदेशी मुद्रा भंडार दो वर्षों के न्यूनतम स्तर पर, स्वर्ण भंडार भी विदेशी मुद्रा व्यापार यूटिलिटीज विदेशी मुद्रा व्यापार यूटिलिटीज घटा, एसडीआर बढ़ा

फॉरेक्स

भारत का विदेशी मुद्रा भंडार बीते 21 अक्तूबर को घटकर दो वर्षों के न्यूनतम स्तर पर पहुंच गया है 524.520 बिलियन डॉलर हो गया है। उससे एक हफ्ते पहले की तुलना में विदेशी मुद्रा भंडार में 3.85 बिलियन डॉलर की कमी दर्ज की गई। आरबीआई के आंकड़ों के अनुसार इससे पहले 14 अक्तूबर को समाप्त हुए सप्ताह के दौरान विदेशी मुद्रा भंडार 528.367 बिलियन डॉलर था। बता दें कि दो वर्ष पहले भारत का विदेशी मुद्रा भंडार करीब 577.00 बिलियन डॉलर था।

आरबीआई के ताजा आंकड़ों के अनुसार विदेशी मुद्रा भंडार का सबसे बड़ा घटक विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों (Foreign Currency Assets) में 3.59 बिलियन डॉलर की गिरावट दर्ज की गई और यह घटकर 465.075 बिलियन अमेरिकी डॉलर पर पहुंच गया।

विस्तार

भारत का विदेशी मुद्रा भंडार बीते 21 अक्तूबर विदेशी मुद्रा व्यापार यूटिलिटीज को घटकर दो वर्षों के न्यूनतम स्तर पर पहुंच गया है 524.520 बिलियन डॉलर हो गया है। उससे एक हफ्ते पहले की तुलना में विदेशी मुद्रा भंडार में 3.85 बिलियन डॉलर की कमी दर्ज की गई। आरबीआई के आंकड़ों के अनुसार इससे पहले 14 अक्तूबर को समाप्त हुए सप्ताह के दौरान विदेशी मुद्रा भंडार 528.367 बिलियन डॉलर था। बता दें कि दो वर्ष पहले भारत का विदेशी मुद्रा भंडार करीब 577.00 बिलियन डॉलर था।

आरबीआई के ताजा आंकड़ों के अनुसार विदेशी मुद्रा भंडार का सबसे बड़ा घटक विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों (Foreign Currency Assets) में 3.59 बिलियन डॉलर की गिरावट दर्ज की गई और यह घटकर 465.075 बिलियन अमेरिकी डॉलर पर पहुंच गया।

देश का स्वर्ण भंडार (गाेल्ड रिजर्व) इस दौरान 247 मिलियन डॉलर की गिरावट के साथ 37.206 बिलियन डॉलर पर पहुंच गया। हालांकि, आरबीआई के आंकड़ों से पता चलता है कि समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष में भारत के विशेष आहरण अधिकार (Special Drawing Rights, एसडीआर) का मूल्य 70 लाख डॉलर बढ़कर 17.440 अरब डॉलर हो गया।

इलाहाबाद: विदेशी मुद्रा का अवैध व्यापार करने वाला 1 युवक गिरफ्तार, 22 लाख रुपए की यूरो और दीनार बरामद

इलाहाबाद. सिविल लाइन पुलिस ने मंगलवार को विदेशी करेंसी के साथ एक युवक को गिरफ्तार किया है। युवक के पास से यूरो, रियाल और दीनार के साथ मलेशियन रिंगिट भी बरामद की गई है। गिरफ्तार युवक के पास से 275 विदेशी नोटों पकड़े गए हैं जिनकी भारत में कुल कीमत करीब 22 लाख रुपए हैं।

सब इंस्पेक्टर सिविल लाइंस थाने के धीरेंद्र सिंह ने बताया, पकड़ा गया युवक विदेशी मुद्रा का अवैध व्यापार करता था। करीब 22 लाख रुपए की कीमत के 275 नोट उसके पास से बरामद किए गए हैं। पूछताछ में युवक ने बताया कि युवक का गिरोह इलाहाबाद, यूपी के कई शहरों से लेकर दिल्ली तक रैकेट चलाता था। इन रुपयों तो खपाने के लिए वो दिल्ली लेकर जा रहा था।

ये करेंसी मिली: उन्होंने बताया कि पकड़े गए युवक का नाम चांद है और पुलिस ने उसे हटिया मोहल्ले के एक होटल से गिरफ्तार किया है। युवक के पास से सऊदी रिया के पांच सौ के 231 नोट। 50 यूरो के 6 नोट, 20 कुवैती दीनार के साथ कई देशों की मुद्रा बरामद हुई है।

भास्कर एक्सप्लेनर: जीडीपी में गिरावट के बावजूद विदेशी मुद्रा भंडार अब तक के उच्चतम स्तर पर, क्या है इसकी वजह और यह देश के लिए कितना फायदेमंद?

देश का विदेशी मुद्रा भंडार अगस्त के आखिरी हफ्ते में 541.43 बिलियन डॉलर (39.77 लाख करोड़ रुपए) पर पहुंच गया है। एक सप्ताह में इसमें 3.88 बिलियन डॉलर (28.49 हजार करोड़ रुपए) की बढ़ोतरी हुई है। इससे पहले 21 अगस्त को समाप्त हुए सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार 537.548 बिलियन डॉलर (39.49 लाख करोड़ रुपए) था। जून में पहली बार विदेशी मुद्रा भंडार 500 बिलियन डॉलर के आंकड़े को पार करते हुए 501.7 बिलियन डॉलर (36.85 लाख करोड़ रुपए) पर पहुंचा था। 2014 में देश का विदेशी मुद्रा भंडार 304.22 बिलियन डॉलर (22.34 लाख करोड़ रुपए) था। इस समय पड़ोसी देश चीन का विदेशी मुद्रा भंडार 3.165 ट्रिलियन डॉलर के करीब है।

इसलिए बढ़ रहा है विदेशी मुद्रा भंडार

भारत की संसद द्वारा विदेशी मुद्रा विदेशी मुद्रा व्यापार यूटिलिटीज प्रबंधन अधिनियम ( FEMA ) कब पारित किया गया था?

प्रमुख बिंदु विदेशी मुद्रा व्यापार यूटिलिटीज

  • विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम ( FEMA )
    • यह विनियमों का एक समूह है जो भारतीय रिजर्व बैंक को विनियम पारित करने का अधिकार देता है और भारत सरकार को भारत की विदेश व्यापार नीति के संबंध में विदेशी मुद्रा से संबंधित नियमों को पारित करने में सक्षम बनाता है।
    • 1973 के विदेशी मुद्रा विनियमन अधिनियम (FERA) की जगह विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) भारत सरकार द्वारा 1999 में पेश किया गया था।
    • इसे 29 दिसंबर 1999 को पारित किया गया था।
    • FEMA 1 जून 2000 को एक अधिनियम बन गया।
    • FEMA ने विदेशी मुद्रा विनियमन अधिनियम (FERA) नामक एक अधिनियम को प्रतिस्थापित किया। FERA (विदेशी मुद्रा विनियमन अधिनियम) कानून 1973 में पारित किया गया था।
    • मुख्य उद्देश्य जिसके लिए FEMA पेश किया गया था, वह बाहरी व्यापार और भुगतान की सुविधा प्रदान करना था।
    • यह केंद्र सरकार को देश के बाहर स्थित किसी व्यक्ति को भुगतान के प्रवाह को विनियमित करने की शक्ति देता है।
    • यह अधिनियम विश्व व्यापार संगठन (विश्व व्यापार संगठन) के ढांचे के अनुरूप है।
    • विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम के विदेशी मुद्रा व्यापार यूटिलिटीज अनुमोदन के बिना विदेशी प्रतिभूतियों या विनिमय से संबंधित कोई भी वित्तीय लेनदेन नहीं किया जा सकता है।
    • फेमा को भारतीय विदेशी मुद्रा बाजार के व्यवस्थित विकास और रखरखाव में सहायता के लिए भी तैयार किया गया था ।
    • FEMA अधिनियम के तहत, भुगतान संतुलन विभिन्न देशों के नागरिकों के बीच वस्तुओं, सेवाओं और परिसंपत्तियों के लेन-देन का रिकॉर्ड है।
    • इसे मुख्य रूप से दो कैटेगरी में बांटा गया है, यानी पूंजी खाता और चालू खाता।
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