Cryptocurrency: किसी को रातोंरात कर सकती है मालामाल तो किसी को कंगाल, जानिए क्रिप्टोकरेंसी के फायदे और नुकसान

टाइम्स नाउ ब्यूरो

What is cryptocurrency: क्रिप्टोकरेंसी को लेकर इन दिनों देश में एक बहस सी चल पड़ी है। खुद पीएम मोदी इसे लेकर आगाह कर चुके हैं। आरएसएस से जुड़े स्वदेशी जागरण मंच ने तो इसे लेकर कानून बनाने की मांग की है।

Cryptocurrency know the advantages and disadvantages of Cryptocurrency and Bitcoin

  • देश और दुनियाभर में तेजी से बढ़ रहा है क्रिप्टोकरेंसी का चलन
  • पीएम मोदी ने क्रिप्टो को लेकर जताई चिंता, कहा- ये जरूरी है कि सभी लोकतांत्रिक देश इसपर मिलकर काम करें
  • क्रिप्टो किसी को भी घंटों के अंदर बना सकती है मालामाल तो कर सकती है कंगाल भी

Cryptocurrency's advantages and disadvantages: आज बात उस डिजिटल डेंजर की, जिसकी तरफ देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हाल ही में इशारा कर चुके हैं। सिर्फ इशारा नहीं बल्कि दुनिया के बड़े और ताकतवर मुल्कों को आगाह कर चुके हैं और इसका नाम है-क्रिप्टो करेंसी। बिटक्वाइन। वही बिटक्वाइन जो किसी की रातों रात मालामाल तो किसी को रातों रात कंगाल बना देती है। आने वाले वक्त में पीएम मोदी इस बाबत बड़ा कदम उठाने वाले हैं। इसका संकेत उन्होंने दो दिन पहले दे दिया था। अब एक्शन की बारी है।

पीएम ने खतरे को लेकर जताई चिंता

पीएम मोदी ने इसे लेकर चिंता जाहिर करते हुए कहा, 'क्रिप्टो करेंसी और बिटक्वाइन। ये जरूरी है कि सभी लोकतांत्रिक देश इसपर मिलकर काम करें और सुनिश्चित करें कि ये गलत हाथों में ना जाए, जो हमारे युवाओं को बर्बाद कर सकता है।' क्रिप्टो करेंसी या बिट क्वाइन को लेकर प्रधानमंत्री Bitcoin पर काम करने के फायदे और नुकसान ने ये चिंता दो दिन पहले सिडनी डायलॉग में चलाई। ना सिर्फ चिंता जताई, बल्कि दुनिया के सभी बड़े देशों को इससे आगाह भी किया। तो सवाल ये है कि आखिर बिटक्वाइन को लेकर प्रधानमंत्री का डर क्या है? पीएम ने क्रिप्टो करेंसी को लेकर अलार्म क्यों बजाया ? कौनसा खतरा है, जिसकी आहट हो चुकी है ?

क्या है क्रिप्टो करैंसी

आज आपको इन सभी सवालों का सिलसिलेवार तरीके से जवाब मिलेगा। लेकिन सबसे पहले ये जान लीजिए कि आखिर ये क्रिप्टो करेंसी है क्या ? जी हां ये वही क्रिप्टो करेंसी या बिट क्वाइन है, जो पूरी दुनिया को बहुत तेजी से अपनी गिरफ्त में लेती जा रही है। इस रफ्तार से कि कल्पना करना मुश्किल है।ये वही क्रिप्टो करेंसी है, जो भारत में लीगल नहीं है। बावजूद इसके भारत वो देश है, जो इस अदृश्य करेंसी में सबसे ज्यादा इन्वेस्ट कर रहा है। इसीलिए सवाल उठता है कि आखिर देश में इस डिजिटल करेंसी का फ्यूचर क्या है? क्या सरकार इसे बैन करेगी या कानूनी मान्यता देगी?

सबसे डरावना पहलू

खैर सरकार इस बाबत क्या करने वाली है, तो आने वाले वक्त में पता चलेगा, लेकिन इस करेंसी के कुछ अपने खतरे हैं। वो क्या. समझिए। इसके अपने खतरे तो हैं ही। चाहे वो सरकार के लिए हों या उन लोगों के लिए जो इसके जरिए रातों रात रईस बनने का सपना देख रहे हैं। लेकिन अब ये भी समझिए कि आखिर इस छिपे हुए या अदृश्य मनी को लाने के पीछे का मकसद क्या था? सबसे डरावना पहलू ये है कि जिस तरह से ये रुपया अदृश्य है, उसी तरह से इसे अस्तित्व में लाने वाला शख्स भी।

फायदा और नुकसान दोनों

2010 में एक बिट क्वाइन की कीमत सिर्फ 22 पैसे थे, लेकिन अब इसकी कीमत सुनेंगे तो Bitcoin पर काम करने के फायदे और नुकसान दंग रह जाएंगे। इस क्रिप्टो करेंसी के खतरे क्या हैं, उसे भी समझिए। इन सब खतरों के बीच, प्रश्न ये है कि आखिर भारत में इस करेंसी का क्या भविष्य है। क्या सरकार इसे बैन करने वाली है, या कानूनी मान्यता देगी? भारत में क्रिप्टो करेंसी बैन होगी या नहीं, इसका जवाब आने वाले वक्त में मिलेगा, लेकिन दुनिया के कई देशों में ये Bitcoin पर काम करने के फायदे और नुकसान बैन है। तो कहने का मतलब ये है कि क्रिप्टो करेंसी को लेकर सावधान रहने की जरूरत है। क्योंकि जितने इसके फायदे हैं, उतने ही नुकसान भी हैं।

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क्रिप्टो करेंसी की कब हुई थी शुरुआत, क्या हैं इसके फायदे और नुकसान, समझिए पूरा हिसाब

इन दिनों जिस क्रिप्टो करेंसी का जलवा है, ये डिजिटल करेंसी है. इसे आप छू नहीं सकते, लेकिन हां अमीर जरूर हो सकते हैं. आमतौर पर इसका इस्तेमाल Bitcoin पर काम करने के फायदे और नुकसान किसी सामान की खरीदारी या कोई सर्विस खरीदने के लिए किया जा सकता है.

क्रिप्टो करेंसी की कब हुई थी शुरुआत, क्या हैं इसके फायदे और नुकसान, समझिए पूरा हिसाब

डिजिटल होती दुनिया में हर चीज वर्चुअल होती जी रही है. डिजिटल पेंमेट की सुविधा ने लोगों की लाइफ को काफी आसान बना दिया है. डिजिटल होते इस वर्ल्ड में क्रिप्टो करेंसी का क्रेज बढ़ गया है. दुनिया के हर एक देश की अपनी मुद्रा है. जैसे-भारत में रुपया, अमेरिका में डॉलर और ब्रिटेन में पाउंड. लेकिन इन दिनों जिस क्रिप्टो करेंसी का जलवा है, ये डिजिटल करेंसी है. इसे आप छू नहीं सकते, लेकिन हां अमीर जरूर हो सकते हैं. आइए अब समझ लेते हैं इस क्रिप्टो करेंसी का पूरा हिसाब.

कंप्यूटर एल्गोरिथ्म पर बनी क्रिप्टो करेंसी एक इंडिपेंडेंट मुद्रा है. यह करेंसी किसी भी एक अथॉरिटी के काबू में भी नहीं होती. जैसे रुपया, डॉलर, यूरो या अन्य मुद्राओं का संचालन देश की सरकारें करती हैं, लेकिन क्रिप्टो करेंसी का संचलान कोई भी अथॉरिटी नहीं करती. यह एक डिजिटल करेंसी होती है. इसके Bitcoin पर काम करने के फायदे और नुकसान लिए क्रिप्टोग्राफी का प्रयोग किया जाता है. आमतौर पर इसका प्रयोग किसी सामान की खरीदारी या कोई सर्विस खरीदने के लिए किया जा सकता है.

जापान के एक इंजीनियर ने की थी शुरुआत

सबसे पहले साल 2009 में क्रिप्टो करेंसी की शुरुआत हुई थी, जो बिटकॉइन थी. जापान के इंजीनियर सतोषी नाकमोतो ने इसे बनाया था. शुरुआत में इसे कोई खास सफलता नहीं मिली, लेकिन धीरे-धीरे इसकी कीमत आसमान छूने लगी और ये पूरी दुनिया में छा गया.

क्रिप्टो करेंसी के क्या हैं फायदे और नुकसान

क्रिप्टो करेंसी के कई फायदे हैं और इसके नुकसान भी हैं. पहला फायदा ये है कि डिजिटल करेंसी होने के कारण धोखाधड़ी की गुंजाइश ना के बराबर है. दूसरा ये कि इसकी कोई नियामक संस्था नहीं है. इसलिए नोटबंदी या करेंसी के अवमूल्यन जैसी स्थितियों असर इसपर नहीं पड़ता. क्रिप्टोकरेंसी में मुनाफा अधिक होता है और ऑनलाइन खरीदारी से लेन-देन आसान होता है. इसका सबसे बड़ा नुकसान है कि वर्चुअल करेंसी में भारी उतार-चढ़ाव आपके माथे पर पसीना ला देगा.

एक रिपोर्ट के अनुसार, पिछले पांच साल में बिटकॉइन जैसी वर्चुअल करेंसी एक ही दिन में बिना किसी चेतावनी के 40 से 50 प्रतिशत गिर गई थी. इसका सबसे बड़ा नुकसान ये होता है कि वर्चुअल करेंसी होने के कारण इसमें सौदा जोखिम भरा होता है. इस करेंसी का इस्तेमाल ड्रग्स सप्लाई और हथियारों की अवैध खरीद-फरोख्त जैसे अवैध कामों के लिए किया जा सकता है. , इसका एक और नुकसान यह है कि यदि कोई ट्रांजेक्शन आपसे गलती से हो गया तो आप उसे वापस नहीं मंगा सकते हैं.

क्रिप्टो करेंसी से क्या भारत में होता है लेनदेन

भारत में क्रिप्टो करेंसी के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया था और वर्चुअल करेंसी के माध्यम से क्रिप्टोकरेंसी में लेन देन की इजाजत दी थी. साल 2018 में इंटरनेट एंड मोबाइल एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने भारतीय रिजर्व बैंक के सर्कुलर पर आपत्ति जताते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी. बिटकॉइन के अलावा भी रेड कॉइन, सिया कॉइन, सिस्कोइन, वॉइस कॉइन और मोनरो कॉइन जैसी अन्य क्रिप्टो करेंसी बाजार में उपलब्ध हैं.

क्रिप्टोकरेंसी में पैसे लगाने से पहले जान लें इसके फायदे और नुकसान

क्रिप्टोकरेंसी में पैसे लगाने से पहले जान लें इसके फायदे और नुकसान

क्रिप्टोकरेंसी (Cryptocurrency) एक डिजिटल पेमेंट सिस्टम है जो ट्रांजेक्शन को वैरिफाई करने के लिए किसी भी बैंक पर निर्भर नहीं है। क्रिप्टोकरेंसी को फाइनेंशियल इन्फ्रास्ट्रक्चर में क्रांति लाने के इरादे से लॉन्च किया गया था। लेकिन, हर क्रांति के अपने फायदे और नुकसान होते हैं।

क्रिप्टोकरेंसी — क्रिप्टोग्राफी और ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी की देन है। आज, यहां आप पढ़ेंगे क्रिप्टोकरेंसी के कुछ फायदों और इससे होने वाले नुकसान के बारे में।

क्रिप्टोकरेंसी के फायदे

क्रिप्टोकरेंसी सबसे सिक्योर करेंसी मानी जाती है, क्योंकि यह क्रिप्टोग्राफी और ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी से मिलकर बनीं है।

क्रिप्टोकरेंसी पैसे के लिए एक नया सेंट्रलाइज्ड सिस्टम डिफाइन करती है। इस सिस्टम में ट्रांजेक्शन को वैरिफाई करने के लिए किसी भी बैंक पर निर्भर होने की जरूरत नहीं हैं। फलस्वरूप, समय और रिसॉर्स दोनों की बचत होती है।

क्रिप्टोकरेंसी किसी विश्वसनीय थर्ड पार्टी जैसे बैंक या क्रेडिट कार्ड कंपनी की जरूरत के बगैर, दो पार्टी के बीच सीधे फंड ट्रांसफर करना आसान बनाती है।

क्योंकि यह थर्ड-पार्टी मिडिएटर का उपयोग नहीं करती है, दो ट्रांजेक्शन करने वाली पार्टियों के बीच क्रिप्टोकरेंसी ट्रांसफर, स्टैंडर्ड मनी ट्रांसफर की तुलना में ज्यादा फास्ट होते हैं।

क्रिप्टोकरेंसी में इन्वेस्ट करने से लाभ मिल सकता है। क्रिप्टोकरेंसी मार्केट की वैल्यू पिछले एक दशक में आसमान छू गई है, एक पॉइंट पर तो यह लगभग 2 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच गई।

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क्रिप्टोकरेंसी के नुकसान

क्रिप्टोकरेंसी की कीमतें बेहद अस्थिर हैं। दुनिया भर में 24×7 इस पर ट्रेडिंग चलती रहती है। अक्सर, किसी भी देश में नियामक कार्रवाई की फुर्ती से कीमतों में गिरावट आ सकती है। इसी तरह, अटकलें कीमतों को बढ़ा सकती हैं।

एक पीयर-टू-पीयर सिस्टम, जो किसी को भी, कहीं भी पेमेंट भेजने और प्राप्त करने में सक्षम बनाता है, होने की वजह से इस पर किसी भी बैंक, या सरकार का कंट्रोल नहीं है।

क्रिप्टोकरेंसी को लेकर दुनियाभर में सरकारें एक मत नहीं है। कुछ देशों में सरकार ने इसे लीगल करार दे दिया है तो कहीं पर अभी भी इस पर कानून की तलवार लटकी हुई है।

मनी लॉन्ड्रिंग और अवैध खरीदारी Bitcoin पर काम करने के फायदे और नुकसान जैसी नापाक गतिविधियों के लिए क्रिप्टोकरेंसी अपराधियों के लिए एक लोकप्रिय उपकरण बन गई है। कुछ रिपोर्ट्स ने डार्क वेब पर ड्रग्स बेचने के लिए इसका इस्तेमाल किए जाने के संकेत दिए हैं। क्रिप्टोकरेंसी भी हैकर्स की पसंदीदा बन गई है जो उनका इस्तेमाल हानिकारक गतिविधियों के लिए करते हैं।

क्रिप्टोकरेंसी का एक नुकसान यह है कि कोई भी इंटरनेट कनेक्शन वाले कंप्यूटर का उपयोग करके उन्हें माइन (खनन) कर सकता है। हालांकि, लोकप्रिय क्रिप्टोकरेंसी की माइनिंग के लिए काफी एनर्जी की जरूरत होती है, कभी-कभी उतनी ऊर्जा, जितनी कि पूरे देश में खपत होती है।

हालांकि क्रिप्टोकरेंसी Bitcoin पर काम करने के फायदे और नुकसान ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी की वजह से बेहद सिक्योर है, लेकिन दूसरी क्रिप्टो रिपॉजिटरी, जैसे क्रिप्टो एक्सचेंज और वॉलेट को हैक किया जा सकता है। समय-समय पर कई ऐसी ख़बरें आईं हैं जब एक्सचेंज और वॉलेट को हैक कर लिया गया था, जिसके परिणामस्वरूप कभी-कभी लाखों डॉलर वैल्यू के "कॉइन" चोरी कर लिए गए।

निवेशकों को क्रिप्टोकरेंसी में निवेश करने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेनी Bitcoin पर काम करने के फायदे और नुकसान चाहिए। यह सलाह दी जा सकती है कि निवेश करने से पहले अपने धन लक्ष्यों, जोखिम सहनशीलता और रिटर्न अपेक्षाओं के अनुरूप सावधानीपूर्वक निर्णय लें।

क्या आप भी Bitcoin में निवेश करने का Bitcoin पर काम करने के फायदे और नुकसान बना रहे प्लान, तो जानिए यहां क्या करें.

टेस्‍ला की ओर से निवेश की घोषणा के बाद क्रिप्‍टोकरेंसी बिटक्‍वाइन में हर दिन उछाल दर्ज किया जा रहा है.

टेस्‍ला की ओर से निवेश की घोषणा के बाद क्रिप्‍टोकरेंसी बिटक्‍वाइन में हर दिन उछाल दर्ज किया जा रहा है.

क्या आप भी बिटकॉइन में पैसा लगाने का सोच रहे हैं. अगर ऐसा है तो उससे पहले आप इसके बारे में अच्छे से जान लीजिए कि आखिर . अधिक पढ़ें

  • News18Hindi
  • Last Updated : February 09, 2021, 13:42 IST

नई दिल्ली: क्या आप भी बिटकॉइन (Bitcoin) में पैसा लगाने का सोच रहे हैं… अगर ऐसा है तो उससे पहले आप इसके बारे में अच्छे से जान लीजिए कि आखिर ये बिटकॉइन क्या है और इसमें कैसे ट्रेडिंग होती है. इन दिनों ये दुनिया में चर्चा का विषय बना हुआ है. इसके रिटर्न ने निवेशकों को हैरान कर दिया है, लेकिन इसमें जिस तरह का रिटर्न मिलता है रिस्क भी उसी हिसाब से होता है.

साल 2017 में, दिल्ली के 37 साल के राहुल मिश्रा ने अपने कार्यालय के सहयोगियों को देखकर बिटकॉइन में निवेश किया. बता दें उस वर्ष की शुरुआत में बिटकॉइन की कीमत पहले ही 65,000 रुपये से बढ़कर 3.61 लाख रुपये हो गई थी. हर महीने, वह 25,000 रुपये का निवेश करते रहे. उन्होंने अपनी चल रही म्यूचुअल फंड व्यवस्थित निवेश योजनाओं को बिटकॉइन में बदल दिया था.

बता दें उसके ठीक छह महीने बाद, उन्हें एक झटका लगा. भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने भारत में क्रिप्टोकरेंसी ट्रेडिंग का एक परिपत्र जारी किया. इसने आरबीआई द्वारा विनियमित सभी कानूनी संस्थाओं को निर्देश दिया कि वे आभासी मुद्राओं का सौदा न करें या क्रिप्टोकरेंसी में काम करने वाले किसी व्यक्ति या व्यवसाय को सेवाएं प्रदान न करें. इससे निवेशक घबरा गए. भारत में बिटकॉइन की कीमत दुर्घटनाग्रस्त हो गई. सात दिनों के अंदर, इसकी कीमत 5.2 लाख रुपये प्रति बिटकॉइन के उच्च स्तर से गिरकर 3.07 लाख रुपये हो गई. नोटबंदी से पहले 1.50 लाख रुपये के बिटकॉइन में उनका अपना निवेश 30,000 रुपये तक गिर गया था.

क्या होता है बिटकॉइन?
यह एक किस्म का डिजिटल या वर्चुअल टोकन होता है, जिसे काफी जटिल एल्गोरिदम को हल कर हासिल किया जाता. इस विख्यात क्रिप्टोकरेंसी का ट्रांसफर आसानी से मुफ्त में एक नेटवर्क से दूसरे नेटवर्क में संभव है.

बिटकॉइन कैसे करता है काम?
अगर किसी भी व्यक्ति के पास बिटकॉइन है, तो इसकी कीमत और वैल्यू ठीक उसी तरह मानी जाएगी जैसे ईटीएफ में कारोबार करते समय सोने की कीमत मानी जाती है. इस बिटकॉइन से आप ऑनलाइन शॉपिंग भी कर सकते हैं और इसे निवेश के रूप में भी संभाल कर रख सकते हैं. आपको बता दें बिटकॉइन एक पर्सनल ई-वॉलेट से दूसरे पर्सनल ई-वॉलेट में ट्रांसफर कर सकते हैं.

कई बार होता है भारी उतार-चढ़ाव
बिटकॉइन में कई बार भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है. बता दें पिछले 5 सालों में बिटकॉइन करीब 40 से 50 फीसदी तक गिर गया है. साथ ही साल 2013 में बिटकॉइन की कीमत 233 डॉलर पर पहुंच गई थी और फिर अचानक गिरकर 67 डॉलर पर आ सकती है.

भारत में कहां से खरीद सकते है बिटकॉइन?
भारत में बिटकॉइन की खरीद-फरोख्त के लिए 11 ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म हैं. इसमें उनोकॉइन, जेबपे, कॉइनसिक्योर, कॉइनमामा, लोकलबिटकॉइन और बिटकॉइन एटीएम जैसे नाम शमिल हैं.

कहां होता है बिटकॉइन का इस्तेमाल?
आपको बता दें इंडिया में आप फ्लिपकार्ट, अमेजन और मेकमायट्रिप जैसी ई-कॉमर्स कंपनियां बिटकॉइन उपभोक्ताओं के लिए वाउचर प्रोग्राम चलाती है, लेकिन बिटकॉइन को स्वीकार नहीं करती है. इसके लिए एक्सचेंज बिटकॉइन को सामान्य करेंसी में बदलते हैं.

इसमें करना चाहिए निवेश या नहीं
आपको बता दें खुदरा निवेशकों को बिटकॉइन से बचना चाहिए. फाइनेंशियल एजुकेटर और फिनसफे इंडिया के संस्थापक मृणाल अग्रवाल ने बिटकॉइन में निवेश को जुए के बराबर बताया है. वह कहती हैं कि ”यहां कोई अंडरलाइंग संपत्ति नहीं है, यह अन-रेगुलेटिड है. इसके अलावा मूल्य की खोज अप्रत्याशित है तो इससे दूर रहो.’

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Cryptocurrency Investment: कितना सच है क्रिप्टोकरेंसी से एक झटके में अमीर बनने का सपना? फायदा होगा या नुकसान

Cryptocurrency Investment क्रिप्टोकरेंसी ने निवेश के लिए एक नया बाजार बनाया है। बिटकॉइन जैसी डिजिटल मुद्राओं के दाम 20000 डॉलर पहुंचने के साथ ही क्रिप्टोकरेंसी निवेशकों के लिए पैसा बनाने का आकर्षक जरिया बन गई है। लेकिन एक रातों-रात अमीर बनने का यह सपना कितना सच है?

नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। क्रिप्टोकरेंसी (Cryptocurrency) की लोकप्रियता दिन पर दिन बढ़ती ही जा रही है। पिछले कुछ समय से क्रिप्टोकरेंसी निवेशकों के लिए निवेश का बहुत ही आकर्षक विकल्प बन रही है। नए निवेशक क्रिप्टोकरेंसी की तरफ तेजी से आकर्षित हो रहे हैं। ज्यादातर निवेशक इसकी चमक-दमक से अधिक प्रभावित हो रहे हैं।

लेकिन चूंकि यह निवेश का एक नया तरीका है और इसका कोई निश्चित ट्रैक रिकॉर्ड नहीं है तो ऐसे में यह जान लेना बहुत जरूरी है कि क्रिप्टोकरेंसी क्या है और इसमें निवेश करने से पहले आपको किन-किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?

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क्रिप्टोकरेंसी में निवेश

समझने वाली पहली महत्वपूर्ण बात यह है कि क्रिप्टोकरेंसी वित्तीय प्रणालियों और निवेश के आम तौर-तरीकों से काफी अलग है। हमारे देश में निवेश संबंधी तमाम नियम जो सुरक्षा प्रदान करते हैं, वह क्रिप्टोकरेंसी से संबंधित व्यापार में हासिल नहीं Bitcoin पर काम करने के फायदे और नुकसान होती, क्योंकि इन करेंसी के एक्सचेंज वर्चुअल होते हैं। शेयर बाजार में निवेश करते समय आपको पता होता है कि आप किसके साथ काम कर रहे हैं, आपका पैसा कहां जा रहा है या आपको बदले में क्या मिल रहा है, लेकिन क्रिप्टोकरेंसी के निवेश में आपको ये सारी सहूलियत नहीं होती।

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इसलिए अगर आप क्रिप्टो में निवेश करने जा रहे हैं तो इस बात पर लगातार नजर रखें कि क्रिप्टो मार्केट में क्या हो रहा है। आए दिन फंड घोटाले की खबरों को देखते हुए आपको इसकी जानकारी होनी बहुत जरूरी है। क्रिप्टो में निवेश से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि जिस निवेश विशेषज्ञ के साथ आप काम कर रहे हैं, वह पंजीकृत है। निवेश करने या न करने का निर्णय भावना में बहकर न लें।

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स्कैम का कितना है खतरा

स्कैम की दुनिया के खिलाडियों को क्रिप्टो बहुत पसंद हैं, इसलिए धोखाधड़ी का गंभीर खतरा है। इससे सावधान रहें। नए लोग, जिनके पास अधिक जानकारी नहीं होती, वे स्कैमर्स के झांसे में आसानी से आ जाते हैं। जब किसी विशेष निवेश उत्पाद के बारे में बहुत अधिक चर्चा होती है, तो मंझे हुए व्यापारी ग्राहक से यह कहते हैं कि "हर कोई इसे खरीद रहा है"। यही हाल क्रिप्टो का है। बहुत सारी क्रिप्टोकरेंसी हैं जो वास्तविक नहीं हैं। जालसाजों ने क्रिप्टोकरेंसी क्षेत्र में लाभ की संभावना देखी है और उन्होंने लोगों के पैसे चुराने के लिए कुछ टोकन बनाए हैं। ये फर्जी डिजिटल टोकन भी तेजी से बढ़ रहे हैं।

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विज्ञापन से प्रभावित न हों

आजकल कई सेलिब्रिटी भी सोशल मीडिया, रेडियो या टेलीविजन पर बिटकॉइन और अन्य टोकन की मार्केटिंग करते हुए नजर आ रहे हैं। आपको सलाह दी जाती है कि पूरी तरह से सेलिब्रिटी एंडोर्समेंट के आधार पर कोई निवेश निर्णय न लें। किसी सफल निवेशक को आंख मूंदकर फॉलो न करें।

इस मूल्यांकन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आप जिस सिक्के में निवेश कर रहे हैं, वह उन लोगों द्वारा समर्थित है, जो जानते हैं कि यह क्या है। इसे एक बुनियादी परीक्षा मानें। यह आपको एक ऐसी फर्म में निवेश करने से बचने में मदद कर सकती है जो केवल पैसा बनाने में दिलचस्पी रखती है।

जिम्मेदार और यथार्थवादी बनें

क्रिप्टो निवेश पोर्टफोलियो में हो तो सकता है लेकिन इसका जोखिम बहुत अधिक होता है। अपने पोर्टफोलियो का 10-20% क्रिप्टो में लगाएं, लेकिन सुनिश्चित करें कि जोखिम को कम करने के लिए आपके पोर्टफोलियो में विविधता बनी रहे। 1000 फीसद लाभ के चक्कर में न पड़ें। अपने निवेश के बारे में यथार्थवादी बनें ।

ब्लू चिप स्टॉक पर कितना भरोसा

अपने निवेश की गुणवत्ता, विश्वसनीयता और लचीलेपन को बरकरार रखने के लिए बिटकॉइन, ऐथर, एलटीसी जैसे ब्लू चिप स्टॉक से चिपके रहें। आईसीओ नए पेनी स्टॉक हैं। यदि आप उच्च जोखिम वाले निवेश का खतरा उठा सकते हैं तो आईसीओ के लिए जा सकते हैं।

अगर खुद निवेश कर रहे हैं, तो याद रखें.

आपकी पर्सनल कुंजी निजी ही रहनी चाहिए। उसे किसी के साथ साझा न करें। प्रतिष्ठित एक्सचेंजों और पर्स का प्रयोग करें। अपने लाभ और हानि को ट्रैक करें। चूंकि क्रिप्टो वैश्विक करेंसी है और अभी तक 'वास्तविक निवेश' के रूप में इसकी पहचान नहीं Bitcoin पर काम करने के फायदे और नुकसान की गई है, इसलिए इसका कोई भी स्वरूप आभासी हो सकता है।

क्रिप्टोकरेंसी स्पेस आपको आकर्षक जरूर लग सकता है, लेकिन यह एक बहुत ही अस्थिर निवेश है। इसमें किसी भी समय डाउनफॉल का जोखिम रहता है। सबसे बड़ी बात है कि शुरुआत के बाद इसमें कई तरह के घोटाले और फर्जीवाड़े हो चुके हैं। ऐसे में आप इसमें निवेश तभी करें जब आपके पास इस बाजार की ठीक-ठाक जानकारी हो। अगर आप सुरक्षित निवेश चाहते हैं तो एसआईपी, म्यूचुअल फंड या शेयर बाजार में जा सकते हैं। उतार-चढ़ाव यहां भी हैं, लेकिन क्रिप्टोकरेंसी वाली अनिश्चितता नहीं है।

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